
चिकित्सा आपातकाल के पहले 5 मिनट में क्या करें
पहले पाँच मिनट नतीजा तय कर देते हैं। एक सरल, शांत क्रम — जाँचें, कॉल करें, मदद करें — जिसे एम्बुलेंस आने से पहले कोई भी अपना सकता है।
भारत में आपातकालीन प्रतिक्रिया, तकनीक और आपदा प्रबंधन पर कहानियां, शोध और अपडेट।

पहले पाँच मिनट नतीजा तय कर देते हैं। एक सरल, शांत क्रम — जाँचें, कॉल करें, मदद करें — जिसे एम्बुलेंस आने से पहले कोई भी अपना सकता है।

SOS दबाने के पल से लेकर एम्बुलेंस के आपकी ओर मुड़ने तक — हमारी डिस्पैच पाइपलाइन, रिस्पॉन्डर रैंकिंग और लाइव ट्रैकिंग की अंदरूनी झलक।

बाढ़ भारत की सबसे आम आपदा है। दस व्यावहारिक तैयारियाँ — दस्तावेज़, गो-बैग, निकासी योजना — जिनमें बस एक वीकेंड लगता है और जो पूरे मौसम आपके परिवार की रक्षा करती हैं।

ट्रॉमा सर्जन गंभीर दुर्घटना के बाद के पहले घंटे को गोल्डन आवर कहते हैं। इस दौरान राहगीर जो करते हैं — और कानून उन्हें जो सुरक्षा देता है — वह किसी भी अस्पताल की मशीन से ज़्यादा जानें बचाता है।

आपातकाल एम्बुलेंस के जाने के साथ खत्म नहीं होते। दो नई सेवाएँ — घटनाओं के बाद कानूनी सहायता और 24/7 रोडसाइड असिस्टेंस — अब OneSOS पर लाइव हैं।