चिकित्सा आपातकाल के पहले 5 मिनट में क्या करें
लेखक: Dr. Meera Nair

शांत रहें, फिर क्रम से काम करें
चिकित्सा आपातकाल में घबराहट उन्हीं मिनटों को बर्बाद करती है जो सबसे कीमती हैं। आपातकालीन चिकित्सक एक सरल क्रम सिखाते हैं: जाँचें, कॉल करें, मदद करें। देखें कि व्यक्ति प्रतिक्रिया दे रहा है और साँस ले रहा है या नहीं। अगर वह प्रतिक्रिया नहीं दे रहा, तो कुछ और करने से पहले आस-पास के लोगों को आवाज़ देकर बुलाएँ — आपको अतिरिक्त हाथों की ज़रूरत पड़ेगी।
सही तरीके से मदद बुलाएँ
112 डायल करें या OneSOS ऐप से SOS करें। धीरे-धीरे बोलें और सबसे पहले तीन बातें बताएँ: आपकी सटीक लोकेशन (पते से ज़्यादा लैंडमार्क काम आता है), क्या हुआ, और व्यक्ति की हालत। जब तक ऑपरेटर न कहे, फ़ोन न काटें — डिस्पैचर फ़ोन पर ही CPR और रक्तस्राव रोकने में आपका मार्गदर्शन कर सकते हैं।
एम्बुलेंस का इंतज़ार करते हुए
- बेहोश लेकिन साँस चल रही हो: व्यक्ति को करवट पर लिटाएँ (रिकवरी पोज़िशन) और सिर हल्का-सा पीछे झुकाएँ ताकि साँस की नली खुली रहे।
- साँस नहीं चल रही: छाती दबाना (चेस्ट कंप्रेशन) शुरू करें — छाती के बीचोबीच, ज़ोर से और तेज़, लगभग 100–120 प्रति मिनट। मदद आने तक न रुकें।
- तेज़ रक्तस्राव: साफ़ कपड़े से घाव पर सीधा दबाव डालें और दबाते रहें। संभव हो तो अंग को ऊपर उठाएँ।
- रीढ़ की चोट का संदेह: तत्काल खतरा न हो तो व्यक्ति को बिल्कुल न हिलाएँ।
किसी को सड़क पर भेजें ताकि वह एम्बुलेंस को इशारा कर सके — घनी बस्तियों में ड्राइवर सही गेट खोजने में कीमती मिनट गँवा देते हैं। अगर आपने OneSOS से अनुरोध किया है, तो ड्राइवर के पास आपकी लाइव लोकेशन पहले से है, फिर भी गेट पर हाथ हिलाता व्यक्ति मदद ही करता है।
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